#Shayari

पैमाने में नही प्यास में रख।मुझे तू मेरी ही तलाश में रख।।चाहें खर्च में रख या उधार में रख।मुझे तू किसी तो हिसाब में रख ।।खुशबू चली जाए पर याद…

#Shayari

अच्छा है गुरेज़ तो होने दो, अगर यही है होना, तो होने दो.…

#Shayari

बुलंदी पे निगाहें, कदमों में समाज रखते हैं, लबो को खामोश, अल्फाज़ो में आवाज़ रखते हैं…

#Shayari

हो तो खुदा भी सकता था पर पत्थर हुआ। तूने तो आज किया है मेरे साथ तो अक्सर हुआ ।। इतना तो न लुटा था मैं तुझे पाने में । जितना नुकसान तुझे मिलकर हुआ ।।…