#Shayari

हो तो खुदा भी सकता था पर पत्थर हुआ।
तूने तो आज किया है मेरे साथ तो अक्सर हुआ ।।

इतना तो न लुटा था मैं तुझे पाने में ।
जितना नुकसान तुझे मिलकर हुआ ।।

हमसफर हर मोड़ पर मिलते चले ।
फिर रास्ता अलग कुछ दूर चल कर हुआ।।

किसी दिन तो होगी ही शहर को भी खबर।
वो इश्क ही क्या जो न खुल कर हुआ।।

वो अब मेरे आने की राह देखता है।
चलो कुछ तो सुकून मर कर हुआ।।

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